भारत–अमेरिका व्यापार समझौता क्या है?
भारत और अमेरिका के बीच एक नया व्यापारिक समझौता हुआ है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान और सस्ता बनाना है।
इस समझौते पर बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया गया।
इस डील का मुख्य उद्देश्य:
आयात-निर्यात बढ़ाना
व्यापारिक रुकावटें कम करना
दोनों देशों की कंपनियों को फायदा पहुँचाना
टैरिफ में बड़ी राहत क्यों दी गई?
पहले अमेरिका भारतीय सामानों पर काफी ज्यादा आयात शुल्क (टैरिफ) लगाता था, जो कई मामलों में लगभग 50% तक था।
अब नए समझौते के तहत:
यह टैरिफ घटाकर लगभग 18% कर दिया गया है
इसका सीधा असर:
भारतीय कपड़ा, दवा, ऑटो पार्ट्स, स्टील और टेक प्रोडक्ट्स
अमेरिकी बाजार में सस्ते और ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे
भारतीय निर्यातकों की कमाई बढ़ने की संभावना
एस. जयशंकर की अमेरिका यात्रा का महत्व
समझौते के बाद भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अमेरिका गए हैं।
इस यात्रा का उद्देश्य:
व्यापार समझौते को ज़मीनी स्तर पर लागू करना
भविष्य की रणनीति तय करना
अमेरिका के शीर्ष नेताओं के साथ सहयोग बढ़ाना
इस दौरान बातचीत सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रही, बल्कि:
विदेश नीति
सुरक्षा
ऊर्जा
तकनीकी सहयोग
जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
क्रिटिकल मिनरल्स पर चर्चा क्यों जरूरी है?
क्रिटिकल मिनरल्स वे खनिज होते हैं जो:
इलेक्ट्रिक वाहन
मोबाइल, सेमीकंडक्टर
सोलर और विंड एनर्जी
रक्षा तकनीक
के लिए बेहद जरूरी होते हैं।
भारत और अमेरिका ने तय किया है कि:
इन खनिजों की खोज और खनन में सहयोग करेंगे
सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे
चीन पर निर्भरता कम करेंगे
यह कदम भारत की तकनीकी और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।
अजित डोभाल का सऊदी अरब दौरा क्यों जोड़ा गया?
खबर में यह भी बताया गया कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सऊदी अरब गए हैं।
इस दौरे का मकसद:
क्षेत्रीय सुरक्षा हालात पर चर्चा
आतंकवाद और सीमा सुरक्षा
पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों पर रणनीतिक बातचीत
इससे साफ है कि भारत:
आर्थिक
कूटनीतिक
और सुरक्षा
तीनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रहा है।
यह खबर इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
✔ भारत-अमेरिका रिश्ते और मजबूत होंगे
✔ भारतीय कंपनियों को बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा
✔ रोजगार और निवेश बढ़ने की संभावना
✔ टेक्नोलॉजी और ऊर्जा क्षेत्र में भारत को फायदा
✔ भारत की वैश्विक रणनीतिक स्थिति मजबूत होगी
यह समझौता भारत को वैश्विक व्यापार और राजनीति में ज्यादा प्रभावशाली बनाता है।

